भगवान जगन्नाथ जी की रात यात्रा के बारे में रोचक तथ्य

jagannath puri

हर साल की तरह इस साल भी भगवान जगन्नाथ अपने भक्तों को दर्शन देने के लिए 14 जुलाई को 2018 को पधार रहे है। रथ यात्रा के बारे में मान्यता है कि जो भक्त भगवान के दर्शन करने उनके पास नही आ सकते, तो उन भक्तों के लिए भगवान स्वयं बाहर निकलते है और रथ पर सवार होकर दर्शन देते है और अपने भक्तों के सभी कष्ट हर लेते है।

आईये हम आपको भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा के बारे में कुछ बातें बताते है (Interesting Facts About Bhagwan Jagannath Rath Yatra In Hindi)

देसी महीने की किस तिथि से रथ यात्रा का आरम्भ होता है?

भगवान जगन्नाथ जी की रथ यात्रा का आरम्भ हर साल आषाढ़ शुक्ल पक्ष की द्वितीया से होता है।

कितने दिनों तक चलता है रथ यात्रा का त्योहार ?

भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा का त्योहार 9 दिनों तक ओड़िसा के पूरी शहर में मनाया जाता है। इसमें भगवान जगन्नाथ 45 फ़ीट लम्बे रथ पर सवार होते है।

कौन और क्यों खींचते है रथ ?

भगवान जगन्नाथ जी का रथ श्रद्धालु खींचते है। मान्यता है कि जो भी भगवान जगन्नाथ जी का रथ खींचने में अपना योगदान दे उसके सारे पाप खत्म हो जाते है और उसे मुक्ति मिल जाती है।

इंद्रा देवता भी होते है इस दिन प्रसन्न

एक और बात देखने को आयी है कि जिस दिन भी रथ यात्रा हो उस दिन इंद्रा देवता बारिश जरूर करते है। भले ही हल्की बारिश हो, लेकिन होती जरूर है।

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